लाभ मार्जिन कैलकुलेटर

लागत और बिक्री मूल्य दर्ज करें और तुरंत सकल मार्जिन, बढ़ोतरी और लाभ या हानि राशि देखें।

तुरंत परिणाम ब्राउज़र में चलता है
$
$

मार्जिन बनाम बढ़ोतरी

सकल मार्जिन % = (बिक्री मूल्य − लागत) ÷ बिक्री मूल्य × १००। बढ़ोतरी % = (बिक्री मूल्य − लागत) ÷ लागत × १००।

सकल मार्जिन

सकल मार्जिन बढ़ोतरी
10%11.1%
20%25%
30%42.9%
40%66.7%
50%100%

उपयोग कैसे करें?

  1. 1
    लागत दर्ज करें वस्तु बनाने या खरीदने की कुल लागत दर्ज करें।
  2. 2
    बिक्री मूल्य या लक्षित मार्जिन दर्ज करें बिक्री मूल्य दर्ज करें या लक्षित सकल मार्जिन प्रतिशत सेट करें।
  3. 3
    परिणाम देखें लाभ राशि, सकल मार्जिन और बढ़ोतरी तुरंत देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार्जिन और बढ़ोतरी में क्या अंतर है?
मार्जिन = लाभ ÷ बिक्री मूल्य। बढ़ोतरी = लाभ ÷ लागत। ५०% बढ़ोतरी लगभग ३३.३% मार्जिन के बराबर होती है।
अच्छा लाभ मार्जिन क्या है?
यह उद्योग पर निर्भर करता है। खुदरा में आम तौर पर २०–५०% सकल मार्जिन होता है। सॉफ्टवेयर ७०% से अधिक हो सकता है और किराना अक्सर ५% से कम होता है।
वांछित मार्जिन से बिक्री मूल्य कैसे तय करें?
दूसरा मोड उपयोग करें। लागत और लक्षित मार्जिन दर्ज करें। कैलकुलेटर बिक्री मूल्य = लागत ÷ (१ − मार्जिन / १००) से गणना करता है।

Profit margin calculator क्या करता है?

Profit margin calculator cost और selling price से profit, gross margin और markup निकालता है। पहले mode में आप cost और price डालते हैं। Profit = price - cost, gross margin = profit / price x 100 और markup = profit / cost x 100 होता है। यदि cost 70 और selling price 100 है, तो profit 30, margin 30% और markup 42.86% है। Margin और markup अलग metrics हैं; इन्हें आपस में बदलकर पढ़ना pricing mistake बना सकता है।

Target margin से selling price

दूसरे mode में आप cost और target margin डालते हैं। Tool selling price = cost / (1 - target margin / 100) से required price निकालता है। उदाहरण के लिए 70 cost और 30% margin target पर selling price 100 होगा। यदि target margin 50% है, तो price cost का double होता है। Tool target margin को 100% से कम मांगता है, क्योंकि 100% margin का अर्थ zero cost या infinite price जैसा अव्यावहारिक result होगा।

Margin बनाम markup

Margin profit को selling price से compare करता है; markup profit को cost से compare करता है। 30% margin 30% markup नहीं है। 30% markup का मतलब 70 cost पर price 91 होगा और margin लगभग 23.1% होगा। Retail, e-commerce और wholesale pricing में यह फर्क बहुत महत्वपूर्ण है। Supplier cost पर markup लगाते समय और sales report में gross margin देखते समय metric का नाम साफ रखें।

कौन सी costs शामिल करें?

Gross margin अक्सर direct cost पर आधारित होता है, लेकिन decision के लिए shipping, packaging, payment gateway fee, marketplace commission, returns, discount, tax treatment, ad cost और labor भी देखना पड़ता है। यदि आप केवल purchase cost डालते हैं, तो actual net margin कम निकल सकता है। Service business में cost में billable labor और tool subscription शामिल करना पड़ सकता है। Product pricing से पहले contribution margin और break-even volume भी देखें।

Pricing decision में सावधानी

बहुत ऊंचा target margin demand घटा सकता है, जबकि बहुत कम margin cash flow और operating expense को नुकसान पहुंचा सकता है। Competitor price, perceived value, inventory turnover और customer acquisition cost भी pricing में शामिल करें। Discount campaigns चलाते समय discounted price पर margin दोबारा calculate करें, क्योंकि sale volume बढ़ने पर भी per-unit profit घट सकता है। यह calculator arithmetic को पारदर्शी बनाता है; यह market strategy या accounting advice नहीं है। Final price तय करने से पहले real costs और tax/accounting rules की पुष्टि करें।

टिप्पणियां